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कश्मीरी नौजवानों के साथ खड़ी हुई शिवसेना, बीजेपी पर ऐसे साधा निशाना

बीजेपी और शिवसेना एक दूसरे के पुराने सहयोगी है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल मे दोनों के रिश्ते खराब से ख़राब होते चले गये।यहां तक कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ चुनाव भी लड़ा।इस दौरान शिव सेना ने बीजेपी पर हमला करने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं दिया है। आप को बता दे शिव सेना बार बार यह दोहराती रही है कि 2019 के लोकसभा चुनाव मे वह बीजेपी के साथ गठबंधन में नहीं लड़ेंगे।

इसके बावजूद भी हाल ही में दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति बन गयी है। जिसके बाद दोनों दलों ने एक बार फिर साथ चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है । कहा गया है कि वह लोकसभा चुनाव के साथ साथ अगले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भी गठबंधन में ही लड़ेंगे। इस गठबंधन के बाद यह कयास लगाया जा रहा था कि अब शिवसेना बीजेपी पर हमला नहीं करेगी।लेकिन ऐसा होता हुआ नज़र नहीं आ रहा है।

दरअसल पुलवामा मे हुए आतं’कवादी हमले को लेकर शिवसेना ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है।उल्लेखनीय है कि शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए जिससे उन पर लग रहे आरोपों को बल मिले कि वह अपने राजनीतिक फायदे के लिए पाकिस्तान के साथ लड़ाई छेड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

साथ ही शिवसेना ने भाजपा को चैताया है कि उसे अपने राजनीतिक फायदे के लिए दंगों और आतंकी हमलों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके अलावा शिवसेना ने बीजेपी को कश्मीरी छात्रों पर हो रहे हमलों के लिए भी आगाह किया है।सामना मे कहा गया है कि कश्मीर के छात्रों को निशाना बनाए जाने से सरकार की परेशानियां बढ़ सकती है। पुलवामा मे हुए आ’तंकवादी हमले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने सवाल उठाया है कि जब हमारे खुफिया अधिकारी प्रधानमंत्री मोदी की जान को खतरा बताने वाले कथित ई-मेल का पता लगा सकते हैं तो सेना के काफिले पर आतंकी हमले को रोकने में कामयाब क्यों नहीं हुए।

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