क्राइम

ऑटो में छात्रा से रेप की कोशिश किया ड्राइवर, विरोध करने पर हथियार बना लिया पेंचकस

पटियाला :  चौकी बहादुरगढ़ से करीब दो किलोमीटर दूर एक ऑटो चालक के ट्यूशन पढ़कर घर लाैट रही युवती से जबरदस्ती करने का मामला सामने आया है। जब उसने विरोध किया तो ऑटो चालक ने पेंचकस से उसके गले पर तीन और पीठ पर हमला किया। उसके शाेर की आवाज और ऑटाे के बाहर पैर हिलते देखकर राहगीर माैके पर पहुंचे और युवती काे बचाया। लाेगाें ने परिवार के परिवार काे जानकारी दी। लाेगाें ने ऑटाे चालक से मारपीट की। भीड़ जुटने पर आराेपी फरार हाे गया। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गांव से रोजाना बहादुरगढ़ पढाई करने आती है। जाते समय ऑटो लेती थी। बीते साेमवार काे जब वह ट्यूशन पढ़कर ऑटो पर जा रही थी ताे बहादुरगढ़ से कुछ दूरी पर एक रिसाॅर्ट के सामने ऑटो चालक ने ऑटो साइड में कर लिया और उससे जबरदस्ती की काेशिश की। विराेध पर पेंचकस से उसकी गर्दन पर हमला किया।

आराेपी ने धक्का मुक्की भी की। युवती काे अस्पताल में दाखिल कराया गया है। फिलहाल आराेपी की पहचान सुखदेव सिंह उर्फ साेनू के तौर पर हुई है। जांच अधिकारी चाैकी बहादुरगढ़ इंचार्ज मनजीत सिंह ने बताया कि पीड़िता के बयान पर आराेपी के खिलाफ रेप की काेशिश व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। आराेपी की गिरफ्तारी के लिए टीम छापेमारी कर रही हैं। ऑटो कब्जे में ले लिया है। जल्द आराेपी काे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पिता की जुबानी…बेटी ने शोर मचाने की कोशिश की तो आरोपी ने गला भी दबाया

पिता ने बताया कि उनकी बेटी साेमवार की सुबह साढ़े 9 बजे ट्यूशन खत्म करके घर जाने के लिए बहादुगढ़ मेन राेड पर ऑटाे का इंतजार कर रही थी। थाेड़ी देर बाद एक बंद ऑटाे आया जिसमें काेई सवारी बैठी नजर नहीं आ रही थी। आराेपी ने तिरपाल डालकर उसकाे ढंक रखा था। ऑटाे के रुकते ही वह उसमें बैठने लगी ताे देखा कि काेई सवारी नहीं है। जब तक वह उतरती ताे आराेपी ने ऑटाे चला दिया। कुछ दूरी पर जाकर ऑटाे सड़क किनारे राेक दिया और खुद पीछे की सीट पर उसके पास आ गया। आराेपी ने गले में पहने परने से उसका गला दबाने की काेशिश की।

आराेपी ने उसे शाेर न मचाने के लिए डराया। आराेपी की हरकताें काे देखकर उसने शाेर मचाने की काेशिश की, पर आराेपी ने उसकी गर्दन पर पेंचकस से हमला कर दिया। हाथापाई के दाैरान दाेनाें सीट से नीचे गिर गए। आराेपी ने डराने की काेशिश की पर उसने ऑटाे पर लगी तिरपाल काे पैर से किनारे कर दिया। कुछ ही देर में बाइक सवार दाे राहगीर ने आकर उसे बचाया और पूछा कि आराेपी जबरदस्ती कर रहा है जिसपर उसने उन्हें सारी घटना बताई। उन्हाेंने आराेपी से मारपीट की। राहगीराें ने उसके पिता का फाेन नंबर मांगा। मैं बात नहीं कर सकती थी, मैंने अपने फाेन से पिता का नंबर लगाकर उनकी बात कराई।

इसी ऑटो चालक में आरोपी ने लड़की के साथ हैवानियत को अंजाम दिया।

बेटी काे खाली ऑटाे में बैठने से किया था मना

पीड़िता के पिता ने बताया कि बेटी दाे साल से पढ़ाई के लिए बहादुरगढ़ आती है। वह बेटी काे सुबह छाेड़ने जाता है। सुबह जाते समय उसकी सहेली भी साथ हाेती है। माहाैल काे देखते हुए पहले ही बेटी काे खाली ऑटाे में बैठने से मना किया था। आराेपी ने आधे ऑटाे काे तिरपाल डालकर बंद किया था जिसमें बैठी सवारी नहीं दिखी। घटना की सूचना के बाद माैके पर पहुंचे और बेटी काे अस्पताल पहुंचाया। बता दें कि कुछ साल पहलें सर्दी के माैसम में इसी तरह एक आराेपी ऑटाे चालक ने एक छात्रा से रेप की काेशिश की थी उस समय भी आराेपी ने पेंचकस से वार किया था।

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