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एमजे अकबर मानहानि केस में ‘पीड़ित’ पत्रकार को जमानत, बोलीं-‘कोर्ट को बताऊंगी अपनी कहानी’

पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.जे. अकबर मानहानि केस में पत्रकार प्रिया रमानी ने जमानत मिलने के बाद कहा कि ‘सत्य ही उनकी ढाल है’ और वो जल्दी ही अदालत को अपनी कहानी बताएंगी. प्रिया रमानी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एम.जे. अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. इसके बाद एम.जे. अकबर ने उन पर आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था.

मानहानि के मुकदमे में बतौर आरोपी प्रिया रमानी पटियाला हाउस कोर्ट में पेश हुई और जमानत के लिए अर्जी लगाई. अदालत ने कुछ ही मिनट की सुनवाई के बाद प्रिया रमानी को 10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी. कोर्ट से जमानत मिलने के बाद प्रिया रमानी की तरफ से एक और अर्जी लगाई गई, जिसमें मामले की सुनवाई के दौरान उनकी व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की गुहार लगाई गई थी, लेकिन एम.जे. अकबर के वकीलों ने प्रिया रमानी की अर्जी का विरोध किया. कोर्ट ने इस मामले में अकबर के वकीलों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 8 अप्रैल तक का समय दिया है.

जमानत मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रिया रमानी ने कहा कि, मानहानि केस में ’10 अप्रैल को मेरे खिलाफ आरोप तय होंगे. इसके बाद मैं अपनी कहानी कोर्ट में बताऊंगी. सत्य ही मेरी रक्षा करेगा.’ इस मामले की अगली सुनवाई 8 मार्च को होगी. मी टू कैंपेन के तहत हुए खुलासे में कई महिला पत्रकारों की ओर से यौन शोषण का आरोप झेल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था.

दरअसल मी टू के लपेटे में आए एमजे अकबर पर करीब दो दर्जन महिला पत्रकारों ने आरोप लगाए थे. इसके बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा तक देना पड़ा था. एम जे अकबर पर पहला आरोप पत्रकार प्रिया रमानी ने ही लगाया था. रमानी के आरोपों के बाद अकबर के खिलाफ आरोपों की बाढ़ आ गई और एक के बाद एक कई अन्य महिला पत्रकारों ने उन पर ऐसे ही गंभीर आरोप लगाए. एमजे अकबर ने अपने खिलाफ लगे यौन शोषण के तमाम आरोपों को निराधार बताया था. अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ झूठे आरोप लगा कर बदनाम करने की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज कराया है.

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