आसान नहीं है नड्डा की राह, शाह छोड़ गए हैं ये 4 चुनौतियां

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देश की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष अब जगत प्रकाश नड्डा हैं. रविवार को नड्डा ने अमित शाह की जगह ली. भाजपा के अध्यक्ष पद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह ने नड्डा पर भरोसा जताया. उनका कार्यकाल जनवरी 2023 तक रहेगा. इस दौरान पार्टी को 18 राज्यों में विधानसभा चुनाव लड़ने हैं. नए अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2 साल में 5 प्रदेशों में सत्ता गंवाने वाली भाजपा को जीत की पटरी पर वापस लाना है. जेपी नड्डा के सामने फिलहाल दिल्ली विधानसभा चुनाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है, हालांकि, उनके नेतृत्व में यूपी में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन कर रखा है.

नड्डा के सामने चुनौतियां क्या?

1) अमित शाह संगठन और व्यापकता के लिहाज से भाजपा को नई ऊंचाइयों पर ले गए हैं. शाह ने कार्यकर्ताओं को जोड़ने और उनके जनसंपर्क को व्यापक करने के लिए कई नए प्रयोग किए. संगठन को गतिशील बनाया. इसकी कमी अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान महसूस की गई थी. अब नड्डा के सामने चुनौती शह से बड़ी लकीर खींचने की है.

2) संघ और संघ परिवार के सभी संगठनों के साथ समन्वय को बरकरार रखना.

3) जनवरी 2023 तक के अपने कार्यकाल में 18 राज्यों में विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए जीत का रास्ता तैयार करना है. इसी दौरान राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति चुनाव भी होने हैं.

4) भाजपा ने 2018-19 में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र में सत्ता गंवाई है. ऐसे में कार्यकर्ताओं को संगठित कर पार्टी को जीत की पटरी पर वापस लाना होगा.