ख़बरदेश

आडवाणी के घर जाकर RSS के बड़े नेता ने कह दी ये बात, सियासी सफर हुआ ख़त्म?

जब से राष्ट्रीय पटल पर नरेंद्र मोदी का उदय हुआ है ,तब से भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता लाल कृष्ण अडवाणी के हाशिए पर चले जाने का सिलसिला शुरू हो गया था। उन्हें उम्मीद थी कि बीजेपी 2014 का लोकसभा चुनाव उनके नेतृत्व मे लड़ेगी।लेकिन कमान नरेंद्र मोदी को मिली। नरेंद्र मोदी ने जीत दिलाई और वह प्रधानमंत्री बन गये।

मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से पार्टी के भीतर लाल कृष्ण अडवाणी की उपेक्षा शुरू हो गयी थी।कई बार उन्होंने अपनी खीझ का इज़हार भी किया। प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के ‘राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर कटाक्ष भी किये,लेकिन अब पार्टी बहुत आगे आ चुकी है। उस जगह जहाँ अब बीजेपी को शायद अडवाणी के नेतृत्व की ज़रूरत नहीं रही।कम से कम उनके चुनावी क्षेत्र गांधी नगर से उनको टिकट न मिलने से तो ऐसा ही लगता है.

उल्लेखनीय है कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने गुरुवार को 184 उम्‍मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। लेकिन इस सूची में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का नाम शामिल नहीं है। गुजरात की गांधीनगर लोकसभा सीट जहाँ से आडवाणी लगातार जीतते रहे हैं, वहाँ से उनकी जगह अमित शाह को उतारा जा रहा है।आप को बता दें कि लालकृष्ण आडवाणी ने 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में गांधीनगर लोकसभा सीट से लगातार जीत दर्ज की थी।

सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार ‘आरएसएस के एक वरिष्ठ नेता ने आडवाणी से उनके आवास पर मुलाकात की थी ।उनकी बढ़ती हुई उम्र का हवाला देते हुए आडवाणी से कहा गया था कि पार्टी उन्हें अब चुनाव लड़ने के लिए नहीं कहेगी।इसके साथ ही उनकी सि:यासी पारी पर पूर्णतः विराम लग सकता है।आपको बता दें कि 80 के दशक के शुरू में बी:जेपी का गठन हुआ था। 1984 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने केवल दो सीट जीती थी।

उन दो सीटों पर जीत का श्रेय भी आडवाणी को ही दिया जाता है।लेकिन 90 के दशक मे रथ यात्रा निकाल कर उन्होंने देश की राजनीति मे तूफान ख़डा कर दिया था।जिसके कारण ही बीजेपी के लिए सत्ता का रास्ता साफ हो सका था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार मे आडवाणी देश के उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी रहे हैं।उप प्रधानमंत्री ही वह सर्वोच्च पद था जिस तक अडवाणी पहुंच सके।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल मे उनके राष्ट्रपति बनाए जाने की अटकलें थी, पर वह सिर्फ अटकलें ही रही।

Back to top button