अगर आपको लगता है कि गर्मी से खत्म होगा कोरोना, तो ये खबर आपको मायूस कर देगी

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कोरोनावायरस यानि कोविड-19 का प्रकोप अब पूरी दुनिया में फ़ैल चुका है. इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. अगर हम विश्व की बात करें तो 199 देश कोरोना की चपेट में आ गए हैं. भारत में भी कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 800 का आंकड़ा टच कर चुकी है. वहीं कोरोना वायरस से अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है. फिलहाल देश में लॉकडाउन है ताकि इस वायरस को फैलने से रोका जा सके. बाकी जो लोग इससे संक्रमित हैं, उनका इलाज चल रहा है.

अगर हम इस वायरस से जुड़े कुछ अध्ययनों की बात करें तो उनमें से एक में ये पता चला था कि तेज गर्मी यानि ज्यादा तापमान में कोरोना वायरस का संक्रमण धीमा हो सकता है. इसके बाद ज्यादतर लोग यही प्रार्थना कर रहे थे कि जल्दी से गर्मी आए लेकिन, अब इन उम्मीदों पर पानी फिर गया है. जो इस उम्मीद में हैं कि गर्मी आएगी उनके लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है.

मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के मुताबिक गर्मियों की शुरुआत की संभावना अभी कम है. आईएमडी के प्रमुख मृत्युंजय महापात्र का कहना है कि- “उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले दो-तीन दिनों में पश्चिमी हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. यही नहीं, अगले सप्ताह भी उत्तर भारत में (विशेष रूप से हिमालय के क्षेत्र में) बारिश होने की उम्मीद है.”

आपको बता दें कि मौसम विभाग के अनुसार भारत के अधिकांश हिस्सों में आने वाले दो हफ़्तों में तापमान कम रहने की उम्मीद है. आगे आने वाले 28 दिनों के पूर्वानुमान से यह साफ़ है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक मध्य भारत में तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना कम ही है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर की तुलना में दक्षिण और मध्य भारत में गर्मी पहले आती है क्योंकि ये क्षेत्र भूमध्य रेखा के करीब हैं.

इसके बाद साफ़ है कि किसी भी हाल में आने वाले दिनों में गर्मी नहीं आएगी बल्कि बारिश होगी. हाल ही में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की रिसर्च से पता चला था कि कोरोना के संक्रमण का प्रसार उन जगहों पर धीमा है, जहां का मौसम गर्म है. इस अध्ययन की अभी तक कोई भी समीक्षा नहीं की गई है. कुछ डॉक्टर्स का कहना है कि अगर कोई गर्मी में छींका तो उसके ड्रॉपलेट उस सतह पर गिर कर जल्दी से सूख सकते हैं और फिर कोरोना का संक्रमण कम हो सकता है.